16 वर्षों के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम ने पदक जीता, कांस्य पदक पर कब्जा

सिमडेगा: राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम शानदार प्रदर्शन किया. भारत ने 16 साल बाद राष्ट्रमंडल खेलों में हॉकी में मेडल जीता है. इस जीत में झारखंड के खिलाड़ियों का बेहतर प्रदर्शन रहा. सलीमा टेटे के किए एकमात्र गोल की मदद से भारतीय महिला टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया है.

इंग्लैंड में चल रहे राष्ट्रमंडल खेल में भारतीय महिला टीम ने कांस्य पदक के लिए खेले गए मैच में न्यूजीलैंड को पेनाल्टी शूटआउट में 2-1 से पराजित कर पहली बार कांस्य पदक प्राप्त किया. मैदानी खेल में दोनों ही टीम एक-एक गोल की बराबरी पर थी. भारतीय महिला हॉकी टीम की ओर से 29वें मिनट में सिमडेगा झारखंड की सलीमा टेटे ने एक शानदार गोल कर टीम को बढ़त दिलाई. तीसरे क्वार्टर तक भारत 1-0 से आगे रहा लेकिन अंतिम क्वार्टर में न्यूजीलैंड ने बराबरी कर ली.

मेडल का निर्णय पेनाल्टी शूट आउट से हुआ. जिसमें भारतीय टीम ने बढ़त बनाते हुए 2-1 से मैच जीतकर इतिहास में पहली बार कांस्य पदक पर कब्जा जमाते हुए 16 वर्षों के बाद राष्ट्रमंडल खेल में कोई पदक प्राप्त किया है. इससे पूर्व 2002 में भारतीय महिला हॉकी की टीम ने राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक, 2006 में रजत पदक प्राप्त किया था. कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम में झारखंड के तीन खिलाड़ी खूंटी जिला की निक्की प्रधान, सिमडेगा जिला सलीमा टेटे और संगीता कुमारी हैं. तीनों खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया.

प्रतियोगिता से पूर्व ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड की सलीमा टेटे से बातचीत भी की थी और उसे प्रोत्साहित भी किए थे. प्रतियोगिता में संगीता कुमारी ने एक गोल और सलीमा टेटे ने तीन गोल किए हैं. दोनों ही खिलाड़ियों के खेल को कॉमेंटेटर ने काफी सराहा है. साथ ही टीम की डिफेंडर निक्की प्रधान ने भी शानदार खेल का प्रदर्शन किया.

भारतीय टीम के कांस्य पदक जीतने पर हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोलानाथ सिंह, हॉकी सिमडेगा मनोज कोनबेगी, पैंक्रासियुस टोप्पो, सुनील तिर्की, कमलेश मांझी, सोहन बड़ाइक, एलशन किड़ो, बसंत बा, मुकुट बा, राहुल मिंज, प्रतिमा तिर्की, करिश्मा परवार, बिनीता तिर्की, दिव्या डुंगडुंग, वेद प्रकाश, बलबीर प्रसाद सहित सिमडेगा और हॉकी झारखंड के समस्त पदाधिकारियों ने बधाई दी है.

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