जनता के दरबार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 89 लोगों की सुनी समस्यायें, अधिकारियों को दिए निर्देश

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज जनता के दरबार में राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 89 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए। श्री कुमार सोमवार को चार देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम’ में शामिल हुए । इस दौरान उन्होंने सामान्य प्रशासन, गृह, राजस्व एवं भूमि सुधार, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, खान एवं भू-तत्व, निगरानी, निर्वाचन और मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग से संबंधित मामलों पर सुनवाई की।

जनता के दरबार में गोपालगंज से आए एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से जमीन माफियाओं की शिकायत करते हुए कहा कि गोपालगंज बस स्टैंड के पास उसकी जमीन है। उस पर भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया है। जब उसने विरोध किया तो वे लोग उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसपर मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

मुजफ्फरपुर से आए एक अन्य फरियादी ने गुहार लगाते हुए कहा कि उसके घर के दरवाजे पर ही वर्ष 2018 में उसके बच्चे की हत्या कर दी गई। अब तक उसे न्याय नहीं मिल पाया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसी तरह एक रिटायर्ड फौजी ने गुहार लगाते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद मुजफ्फरपुर में खरीदी गई उसकी जमीन पर असमाजिक तत्वों ने 2013 से कब्जा कर लिया है और वे आए दिन धमकी देते हैं।

खगड़यिा से आए एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि उसकी पैतृक भूमि को भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया है । जब उन्होंने प्रशासनिक सहायता ली तो आरोपी जेल चले गए, लेकिन जब छूटकर आए तो वे लोग उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। वहीं शेखपुरा एक फरियादी ने कहा कि गलत जमाबंदी की जा रही है और इसकी शिकायत करने के बाद भी किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

इसी तरह भोजपुर जिला से आए एक शख्स ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि महिला अंचलाधिकारी अक्सर जमाबंदी रद्द करने की बात करती हैं और अपने एक एजेंट के जरिए पैसे की मांग करती हैं । वहीं सारण से आए एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि उसकी जमीन का सरकार ने अधिग्रहण किया है लेकिन अभी तक पैसों का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

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