झारखंड के हॉकी खिलाड़ियों ने CM सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की, अमेरिका में खेल और सांस्कृतिक आदान प्रदान कार्यक्रम में होंगे सभी शामिल

रांचीः अमेरिका में खेल और सांस्कृतिक आदान प्रदान कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भारत का एक दल जाएगा. इस दल में झारखंड की संस्कृति और खेल जगत से जुड़े लोग भी शामिल होंगे. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अमेरिका में आयोजित होने वाले खेल और सांस्कृतिक आदान प्रदान कार्यक्रम के लिए चयनित झारखंड के हॉकी खिलाड़ियों ने शिष्टाचार मुलाकात की है.

अमेरिकी दूतावास, नई दिल्ली और भारत सरकार के संयुक्त तत्वाधान में शैक्षणिक और सांस्कृतिक मामलों के कार्यालय के सहयोग से प्रत्येक वर्ष कई प्रकार के अंतरराष्ट्रीय आदान प्रदान कार्यक्रम का आयोजन किया जाता रहा है. इन कार्यक्रमों को अमेरिका और भारत के लोगों के बीच परस्पर समझ को प्रोत्साहन देने के लिए बनाई गयी एक योजना है.

इसी कड़ी में अमेरिका में आयोजित होने वाले खेल और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए भारतीय दल जल्द रवाना होगा. इस दल में झारखंड के सांस्कृतिक और खेल जगत से जुड़े लोग भी शामिल होंगे.

इसी कड़ी में मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में सोमवार को हेमंत सोरेन से इस कार्यक्रम के लिए झारखंड की हॉकी खिलाड़ियों ने शिष्टाचार मुलाकात की है. इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी है. खिलाड़ियों ने भी मुख्यमंत्री को इस कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दोबारा मुलाकात करने की बात कही है.

इस कार्यक्रम के लिए चयनित झारखंड के चार खिलाड़ियों को अमेरिका में हॉकी का विशेष प्रशिक्षण दी जाएगी. खूंटी की जूही कुमारी जो आर्थिक रूप से काफी कमजोर होने के बावजूद खेल के क्षेत्र में अपने प्रदर्शन के बदौलत बेहतर किया है और आज उन्हें अमेरिका में ट्रेनिंग के लिए चयन किया गया है.

गुमला जिला की प्रियंका कुमारी की भी कहानी कमोबेश वैसी ही है. प्रियंका के पिता लकवे की बीमारी से पीड़ित हैं. परिवार का जीविका चलाने की जिम्मेदारी उनकी मां पर है. प्रियंका के खेल के प्रति जुनून के कारण उन्होंने बांस की छड़ी से हॉकी बनाई. जिसकी मदद से उन्होंने सीखने के लिए दिन-रात अभ्यास किया और आज उनके समर्पण को देखते हुए प्रशिक्षण के लिए उनका चयन इस कार्यक्रम में हुआ है.

हरनिता टोप्पो का भी चयन इस कार्यक्रम के लिए हुआ है. हरनिता सिमडेगा की रहने वाली हैं. हरनिता की मां मजदूरी करती हैं. बेटी को हॉकी के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए वह काफी मेहनत की है. वहीं सिमडेगा की ही रहने वाली पूर्णिमा ने भी कई आर्थिक परेशानियों को पीछे छोड़ते हुए आज बेहतर प्रदर्शन कर रही है और भारतीय दल के साथ इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका जा रही हैं.

ईस्ट इंडिया वीमेंस हॉकी एंड लीडरशिप कैंप के दूसरे संस्करण के पांच शीर्ष खिलाड़ी, जो 1 फरवरी 2020 को खत्म हुआ था. मिडिलबरी द्वारा डिजाइन किए गए अमेरिका में तीन सप्ताह के खेल और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम में भाग लेने के लिए 24 जून से 13 जुलाई तक अमेरिका के दौरे पर रहेंगे.

रांची के एक निजी होटल में मीडिया से बात करते हुए पांचों खिलाड़ियों ने कहा कि वो अमेरिका का दौरा करने के अवसर के लिए काफी खुश और उत्साहित हैं. अमेरिका के वरमोंट में मिडिलबरी कॉलेज टीम से मिलने के वो काफी उत्सुक हैं.

इसे मौके पर संस्था शक्ति वाहिनी के साथ साझेदारी में अमेरिका कांसुलेट और झारखंड हॉकी फेडरेशन, दक्षिण-पूर्वी रेलवे, झारखंड पुलिस और ब्यूरो ऑफ शैक्षिक और सांस्कृतिक मामलों के सहयोग से ईस्ट इंडिया प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी. झारखंड की युवा लड़कियों और महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत हुई.

6 दिवसीय हॉकी प्रशिक्षण शिविर के दौरान 100 के समूह के पांच शीर्ष फील्ड हॉकी खिलाड़ियों को आगे के प्रशिक्षण के लिए मिडिलबरी कॉलेज, वरमोंट अमेरिका जाने के लिए चुना गया है, वो हैं पूर्णिमा नेती, पुंडी सरू, जूही कुमारी, हरनिता टोप्पो और प्रियंका कुमारी. इन खिलाड़ियों के साथ कार्यक्रम सद्भभावना के पुलों का निर्माण जारी रखेगा, टीम वर्क को बढ़ावा देने के लिए खेल शक्ति का प्रदर्शन करेंगी.

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