घर पर रखीं इन चीजों की मदद से खर्राटों का करें देसी इलाज

सोते समय खर्राटे लेना एक सामान्य समस्या है. ये समस्या आप से ज़्यादा दुसरो को तकलीफ देती है. जो व्यक्ति खर्राटे लेता है, उसे तो इसका एहसास कम ही होता है, लेकिन साथ में सोने वाले की नींद (Sleep) पूरी तरह से खराब हो जाती है. खर्राटे लेने वाला व्यक्ति इस परेशानी को सबके सामने स्वीकार करने से झिझकता है और इसे रोकने के उपाय के बारे में किसी से बात ओभी नहीं कर पाता है. दरअसल खर्राटे तब आते हैं जब गले के नर्व्स में कंपन होने लगता है और वह शोर मचाना शुरू कर देती हैं. इसे अक्सर नींद की बीमारी माना जाता है और तेज खर्राटे लेना एक गंभीर समस्या भी बन सकती है. अगर आप अपने खर्राटों को बंद करना चाहते हैं तो घर पर इसका देसी इलाज आज से ही शुरू कर दें. ये देसी उपाय आपके बहुत काम आएंगे, लेकिन अगर समस्या ज्यादा है, तो डॉक्टरी इलाज जरूर करवाएं.

ऐसे करें खर्राटों का देसी इलाज

पेपरमिंट
अगर ड्राई हवा और भीड़भाड़ वाला माहौल आपके खर्राटों का कारण बन रहा है, तो सोने से करीब आधा घंटे पहले पेपरमिंट ऑयल की कुछ बूंदों को ह्यूमिडिफायर (Humidifier) में मिलाएं और उसे चला दें. यह आपके श्वासनली को खोलने में मदद करेगा ताकि आप खर्राटे न ले सकें. इसके अलावा आप एक गिलास पानी में एक या दो बूंद पेपरमिंट ऑयल की मिलाएं और सोने से पहले इससे गरारा करें. ऐसा रोजाना तब तक करें जब तक आपको इसका सही रिजल्ट न मिले.

ऑलिव ऑयल
गले में कंपन को कम करने और खर्राटों को रोकने के लिए नियमित रूप से ऑलिव आयल का इस्तेमाल करें. इसके लिए आधा चम्मच ऑलिव ऑयल में थोड़ा सा शहद मिलाएं. रोजाना सोने से पहले इसका सेवन करें. जैतून का तेल सभी श्वसन मार्गों के ऊतकों को आसान बनाता है. साथ ही हवा के लिए एक स्पष्ट मार्ग प्रदान करते हुए सूजन को कम करता है. यह शरीर की थकावट और दर्द को भी कम कर सकता है.

इलायची
इलायची कफ और सर्दी-खांसी को कम करने में मदद करता है. इलायची के इस्तेमाल से बंद नाक के मार्ग को खोलने में आसानी होती है. वहीं वायु मार्ग के सही तरीके से खुले रहने के कारण खर्राटे कम आते हैं. इसके लिए एक गिलास गर्म पानी में आधा चम्मच इलायची पाउडर मिलाएं. इसे सोने से 30 मिनट पहले पी लें. अपने खर्राटों को धीरे-धीरे कम करने के लिए ऐसा रोजाना करें.

बिच्छू बूटी
यदि आप किसी विशेष मौसम में खर्राटे लेते हैं, तो यह किसी प्रकार की मौसमी एलर्जी के कारण हो सकता है. इस प्रकार के अस्थायी खर्राटों का इलाज बिच्छू बूटी के साथ किया जा सकता है. दरअसल बिच्छू बूटी में एंटीहिस्टामाइन गुण मौजूद होते हैं जो खर्राटों को कम कर सकता है. इसके लिए एक कप उबलते पानी मेंहेल्थ एक चम्मच सूखे बिच्छू बूटी के पत्ते डालें. इसे पांच मिनट तक भीगने दें और फिर छान लें. सोने से ठीक पहले इसकी चाय बनाकर गर्मागरम पी लें

शहद
शहद के इस्तेमाल से सर्दी-खांसी लेकर कई समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है. शहद गले को चिकनाई देता है, जो खर्राटों को रोकने में मददगार साबित हो सकता है. इसके लिए एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर रोजाना सोने से पहले पिएं. इसके अलावा आप हर्बल चाय जैसे कैमोमाइल टी या ग्रीन टी को मीठा करने के लिए शहद का इस्तेमाल कर सकते हैं. शहद के इस्तेमाल से खर्राटों में कमी आएगी.

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