रांची-कोलकाता में 23 ठिकानों पर सीबीआई छापा, चार आयकर अधिकारियों पर एफआइआर, 3.50 करोड़ कैश और पांच करोड़ सोना बरामद

आयकर विभाग में सर्च करते सीबीआई दिल्ली टीम के अफसर


आयकर विभाग के अधिकारियों और व्यापारियों के बीच सांठगांठ का सनसनीखेज मामला समाने आया है। दिल्ली सीबीआई की टीम ने इस संबंध में एफआइआर दर्ज कर बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। बुधवार को सीबीआई टीम ने रांची में पांच जबकि कोलकाता में 18 ठिकानों पर छापेमारी की। रांची में आयकर विभाग के दफ्तर में सीबीआई की टीम बुधवार सुबह से डटी रही। आयकर विभाग रांची में पोस्टेड प्रमुख तापस कुमार दत्ता, एडिशनल कमीशनर आईटी अरविंद कुमार, आइटीओ टेक्निकल रंजीत कुमार लाल, श्री गांगुली के ठिकानों पर छापेमारी की। तापस कुमार दत्ता के कोलकाता साल्ट लेक स्थित आवास में भी सीबीआई की टीम ने छापा मारा। जहां से सीबीआई ने 3.50 करोड़ रुपये नकदी और पांच किलोग्राम सोना भी बरामद किया है। खबर लिखे जाने तक सीबीआई की टीम आयकर अधिकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही थी। आयकर विभाग के आंठवें तल्ले पर स्थित गेस्ट हाउस में सीबीआई की टीम ने घंटो तापस कुमार दत्ता से पूछताछ की। मौके से सीबीआई ने कई कागजात, हार्डडिस्क और सीसीटीवी की मई महीने से अबतक की सीसीटीवी फूटेज भी जब्त की है।
ये हैं नामजद आरोपी
सीबीआई ने आयकर अधिकारियों के अलावा मेसर्स आंचल व्यापार प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर विश्वनाथ अग्रवाल, मेसर्स हाईरेंक एडवाइजरी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक संतोष चौधरी, आकाश अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, सीए पवन कुमार मौर्या के अलावे विश्वनाथ अग्रवाल के दामाद पीके धानुका और सुबोध कुमार धानुका को भी आरोपी बनाया है। कई अज्ञात इंट्री ऑपरेटर भी इस मामले में आरोपी बने हैं।

क्या है मामला
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, प्रमुख आयकर आयुक्त ने कोलकाता की कंपनियों पर नाजायज तरीके से फायदा पहुंचाया। इसके बाद घूस के तौर पर खूद व बाकि आयकर अधिकारियों को मोटी रकम दिलवायी। सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, कोलकाता और हजारीबाग की कंपनियों की इंकम टैक्स असेसमेंट फाइल को अपने प्रभाव से रांची मंगवाया। इन कंपनियों पर काफी अधिक टैक्स देय था। दुबारा असेसमेंट कराकर कंपनियों को राहत दी गई। बदले में आयकर अधिकारियों को घूस में मोटा रकम मिला। तापस कुमार दत्ता के बारे में सीबीआई को जो सबूत मिले हैं उसके मुताबिक, उन्होंने विश्वनाथ अग्रवाल के जरिए अपनी काली कमायी को कई कंपनियों में निवेश किया था। साथ ही 3.50 करोड़ की लागत से कोलकाता के ओरियाना, टॉवर 3, सी टाइप, स्वर्णामोनी कैनल सरकुलर रोड में फ्लैट भी लिया था। यह फ्लैट मेसर्स झरना लीकर प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर खरीदी गई थी। इस कंपनी में तापस कुमार दत्ता और विश्वनाथ अग्रवाल दोनों ने निवेश भी किया है। मई महीनें में दत्ता और उनकी पत्नी इस फ्लैट के इंटिरियर डेकोरेशन का काम करवाने भी आए थे।

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