लातेहार : जिले में मधुमक्खियों के हमले की दो अलग-अलग घटनाओं में तीन बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो चुकी है. बालूमाथ प्रखंड में शनिवार शाम मधुमक्खियों के हमले में घायल छह वर्षीय बच्चे आर्यन कुमार की रविवार अहले सुबह मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए.
वहीं, महुआडांड़ प्रखंड के खपरताला गांव में 25 सितंबर को मधुमक्खियों के हमले में घायल नानी और तीन वर्षीय नाती की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. इन घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में मधुमक्खियों के हमले से सुरक्षा और समय पर इलाज की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है.
बालूमाथ में एक बच्चे की मौत, चार घायल
बालूमाथ प्रखंड के दाड़ा गांव में शनिवार शाम मधुमक्खियों के हमले में छह वर्षीय आर्यन कुमार, पिता राजेश भुइंया की मौत हो गई. घटना में एक बुजुर्ग महिला समेत चार अन्य लोग घायल हो गए. घायलों में रूदनी मसोमत (80 वर्ष), पति स्वर्गीय महेंद्र तुरी, वायुष कुमार (6 वर्ष), पिता ज्ञान भुइयां, अमित भुइयां (9 वर्ष), पिता जमुना भुइयां और पीयूष कुमार (8 वर्ष), पिता स्वर्गीय ज्ञान भुइयां शामिल हैं.

बताया जाता है कि शनिवार शाम बच्चे घर के पास खुले स्थान पर खेल रहे थे. इसी दौरान एक बच्चे ने मधुमक्खियों के छत्ते पर पत्थर मार दिया. इससे मधुमक्खियां बड़ी संख्या में बाहर निकल आईं और खेल रहे बच्चों के साथ पास में बकरी चरा रही महिला पर हमला कर दिया. हमले में सभी लोग घायल हो गए.
परिजनों के अनुसार, घायलों का पहले ग्रामीण चिकित्सक से इलाज कराया गया. हालत में सुधार नहीं होने पर रविवार अहले सुबह आर्यन को बालूमाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. वहां चिकित्सक डॉ संजय सिद्धार्थ ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद अन्य घायलों को भी अस्पताल लाया गया, जहां डॉ सुरेंद्र कुमार ने उनका प्राथमिक उपचार किया.
खपरताला में नानी-नाती की गई थी जान
इससे पहले महुआडांड़ प्रखंड के खपरताला गांव में 25 सितंबर 2026 को खजूर काटने के दौरान मधुमक्खियों ने हमला कर दिया था. इस घटना में सरबीत देवी (48 वर्ष), पति सुले मुंडा और उनके तीन वर्षीय नाती अयन राज मुंडा, पिता सुरेश मुंडा समेत कई लोग घायल हुए थे.
प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया था. इलाज के दौरान 25 सितंबर की रात करीब 10 बजे गुमला में सरबीत देवी की मौत हो गई, जबकि उनके नाती अयन राज मुंडा ने 26 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे दम तोड़ दिया. घटना में दो महिलाएं और एक बच्चा घायल हुए थे
सावधानी और समय पर इलाज जरूरी
जिले में अलग-अलग प्रखंडों में हुई इन घटनाओं में चार लोगों की मौत से ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई है. मधुमक्खियों के छत्ते के आसपास पत्थर मारने, छेड़छाड़ करने या उन्हें परेशान करने से हमला होने का खतरा रहता है. ऐसे में छत्तों से दूरी बनाए रखना और हमला होने पर जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचना जरूरी है. मधुमक्खियों के काटने के बाद सांस लेने में परेशानी, चेहरे या गले में सूजन, चक्कर अथवा बेहोशी जैसे लक्षण दिखें, तो तत्काल अस्पताल में इलाज कराना चाहिए. गंभीर स्थिति में इलाज में देरी जानलेवा हो रही है.
Also Read : झारखंड : ब्रजमोहन राम ने ओडिशा के राज्यपाल के रूप में ली शपथ, हरीश टंडन ने दिलाई पद एवं गोपनीयता की शपथ


