भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. अंकिता के माता-पिता इस नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं. इसी सिलसिले में बुधवार रात, 14 अक्टूबर को दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया गया.
प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए. गुरुवार तड़के पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. अंकिता के माता-पिता की मांग है कि कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े मामले की जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए.
कौन हैं दुष्यंत कुमार गौतम?
दुष्यंत कुमार गौतम भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं. वह भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं और हरियाणा से राज्यसभा सांसद भी रहे हैं. उत्तराखंड में भाजपा के प्रभारी के तौर पर भी उन्होंने जिम्मेदारी संभाली है. अक्टूबर 2026 में राष्ट्रपति की ओर से उन्हें सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया. उनकी नियुक्ति के बाद अंकिता भंडारी के माता-पिता ने विरोध शुरू कर दिया.
दरअसल, अंकिता हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं. दिसंबर 2025 में वायरल ऑडियो और वीडियो के जरिए इस मामले में कुछ नए आरोप सामने आए. इसी विवाद में दुष्यंत कुमार गौतम का नाम भी उछाला गया. गौतम ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है. उनकी संलिप्तता को लेकर लगाए गए आरोपों को न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता.
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी सितंबर 2022 में लापता हो गई थीं. बाद में उनका शव चीला बैराज के पास मिला था. मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया. अदालत ने तीनों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई.
मामले में आरोप सामने आए थे कि अंकिता पर एक कथित वीआईपी को विशेष सेवाएं देने का दबाव बनाया जा रहा था और उन्होंने इसका विरोध किया था. कथित वीआईपी की पहचान और उसकी भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठते रहे. हालांकि, इन आरोपों और दावों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही की जा सकती है.
अंकिता के माता-पिता का कहना है कि हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी पहलू की पूरी जांच होनी चाहिए. परिवार इसी आधार पर राष्ट्रपति से दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति रोकने की मांग कर रहा है. उनका कहना है कि जांच पूरी होने और उठाए गए सवालों के जवाब मिलने तक नियुक्ति पर रोक लगाई जानी चाहिए.
इंडिया गेट पर प्रदर्शन, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी पहुंचे
बुधवार रात इंडिया गेट पर हुए प्रदर्शन में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा समेत पार्टी के अन्य नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया. प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई.
गुरुवार तड़के करीब चार बजे दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. बाद में अंकिता के माता-पिता को रिहा कर दिया गया.

