किसलय शानू, रांची
आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमले से जांच एनआइए ने शुरू कर दी है। एनआइए ने गुरुवार से लेकर नौ जुलाई तक के लिए दो आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। इसमें एक आरापी का नाम अमन अंसारी है। यह लोहरदगा न्यू आजाद बस्ती का रहने वाला है। जबकि दूसरे आरापी का नाम सायम सुजान है। यह लोहरदगा फूल बगान पत्थलकुदवा का रहने वाला है। एनआइए को आरंभिक जांच के क्रम में चुटिया थाना की पुलिस और एटीएस से हासिल दस्तावेज और खुद की जांच के दौरान कुछ नये तथ्य हासिल किये हैं। जिसके आधार पर अब एनआइए उक्त दो आरोपियों से गहराई से जानकारी हासिल एकत्र करना चाहती है।
आरोपियों से यह जानना चाहती है एनआइए
जानकारी के अनुसार एनआइए बड़ी साजिश और दूसरे आरोपियों व संदिग्ध की भूमिका पता लगाने और उसे उजागर करना चाहती है, ताकि मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकें। एनएनआइ ने अभी तीसरे आरापी को सैफ अंसारी को रिमांड पर नहीं लिया है। क्योंकि यह पुलिस की हिरासत से भागने के दौरान एनकाउंटर के क्रम में पैर में गोली लगने की वजह से घायल हो गया था।
गृह मंत्रालय के अवर सचिव की शिकायत पर एनआईए ने दर्ज किया केस
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रांतीय कार्यालय पर 16 जून की देर रात हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी। घटना की संवेदनशीलता और संभावित अंतरराष्ट्रीय आतंकी कनेक्शन की आशंका को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह निर्णय लिया है। गृह मंत्रालय के अवर सचिव विमल कुमार शुक्ला की शिकायत के आधार पर एनआईए ने रांची थाने में आरसी-01/2026/एनआईए आरएनसी के तहत मामला पुनः दर्ज किया है।
एनआईए अब जांच करेगी कि हमले के पीछे की साजिश
अब एनआईए पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि हमले के पीछे असली साजिश क्या थी। इससे पूर्व इस केस में भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। एनआईए की टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया था।
अवधेश के निर्देश पर आरएसएस कार्यालय में फेंका था पेट्रोल बम
चर्चित आरएसएस कार्यालय में पेट्रोल बम कांड में रांची पुलिस को पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी अमन अंसारी उर्फ गोलू ने बताया था कि आवेश राजपूत उर्फ राणा जी और सहजाद उर्फ शाहनवाज के इशारे पर घटना को अंजाम दिया गया था। पेट्रोल बम प्रकरण में वीडियो बनाने का निर्देश भी राणा जी की ओर से मिला था। इसके एवज में 50/50 हजार तीनों आरोपियों को मिलने थे। पुलिस पूछताछ में अमन अंसारी ने बताया कि घटना को अंजाम देने से पूर्व ट्रेन रुट से रांची पहुंचे थे और कार से आरएसएस कार्यालय पहुंचे थे।
रांची के बाद लखनऊ में भी देना था घटना को अंजाम
रांची पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार अमन ने बताया कि रांची स्थित आरएसएस कार्यालय में घटना को अंजाम देने के बाद लखनऊ में भी बड़ी वारदात को अंजाम देना था। रांची से ट्रेन मार्ग से लखनऊ के लिए निकले थे कि कोडरमा से आगे पुलिस ने दबोच लिया था। रांची पुलिस की टीम ने लखनऊ में बड़ी घटना होने से पूर्व तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, रांची पुलिस ने मामले की जानकारी लखनऊ पुलिस को भी दिया था।
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